mm&P delegation calls on Narendra Sawaikar, discusses mining issue

mm&P delegation calls on Narendra Sawaikar, discusses mining issue

Panaji, Aug 10 (UNI) A delegation of Mines, Minerals and People (MM&P) met Member of Parliament from South Goa Narendra Sawaikar in his office at New Delhi on Friday and discussed mining issue.

Panaji, Aug 10 (UNI) A delegation of Mines, Minerals and People (MM&P) met Member of Parliament from South Goa Narendra Sawaikar in his office at New Delhi on Friday and discussed mining issue.

According to a statement here, the delegation was led by Ravi Rabbpragada (Chairman) from Andhra Pradesh, Ashok Sirmali (Secretary General) from Gujarat, Ravindra Velip (Executive Council Member for Goa State) and other Executive Council members from Odisha, Zharkhand, Karnataka and Madhya Pradesh.

MM&P has a nation wide network across over 26 states and is an alliance of organisations, groups and individuals. It has effective presence in all the Scheduled V areas as well as in the non-schedules areas.

MM&P discussed with Mr Sawaikar regarding commencement of sustainable and legal mining in Goa which could done by forming a people oriented mining policy.

Chairman Ravi Rebbapragada explained him how the illegal mining was taking place all across India. Other members too shared their experiences.

Ravindra Velip then discussed about the legal hurdles that may be faced if the central government amends the MMDR Act, 1957 and The Goa, Daman and Diu, Abolition of Mining Concessions and Declaration of Mining leases Act, 1987.

Mr Velip then suggested him to undertake a comprehensive study of all the mining affected regions affected by mining before deciding on the Goa Mining Policy.

Courtesy: UNI

महाराष्ट्र : बुलेट ट्रेन-एक्सप्रेस वे-बंदरगाह जैसी विनाशकारी परियोजनाओं के विरोध में जन सभा; पालघर 9 अगस्त 2018

चलो पालघर ! चलो पालघर ! आंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस रैली
बुलेट ट्रेन, एक्सप्रेस वे, वाढवण बंदरगाह, नारगोल बंदरगाह MMRDA प्लान रद्द करो !
आदिवासी एकता जिंदाबाद ! भूमिपुत्र एकता जिंदाबाद !

महाराष्ट्र, पालघर 4 अगस्त 2018 । भूमी सेना आदिवासी एकता परिषद के संस्थापक मा. काळूराम काका धोदडे के नेतृत्व में बुलेट ट्रेन विरोधी आंदोलन पिछले देड़ दो साल से चल रहा है। पालघर (महाराष्ट्र) में आ रहे विनाशकारी परियोजनाए – मुम्बई वडोदरा एक्सप्रेसवे, वाढवन बंदरगाह, MMRDA प्लान आदि मुद्दों पर चल रहे आन्दोलनों को एक साथ लाकर ‘भूमिपुत्र बचाव आंदोलन’ बनाया गया।

तनाही नहीं इस संघर्ष में गुजरात के खेडूत समाज के साथी भी जुड गये और आंदोलन को मजबूत किया। पिछले साल 9 अगस्त को तलासरी में आंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिन के उपलक्ष पर विशाल रैली का आयोजन किया गया और सभी विनाशकारी परीयोजनाओ के खिलाफ आवाज बुलंद किया। राजनीतिक पार्टियां तथा विदेशी पैसे लेकर समाजसेवा करनेवाले NGO को दूर रखकर यह आंदोलन आदिवासी, खेडूत, शेतकरी, मछुआरे, भूमिपुत्र कीं एकता और निरंतर संघर्ष कारण मजबूत बन रहा है।

इस बार 9 अगस्त 2018 को आंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पालघर में आदिवासी एकता परिषद के तत्वाधान में मनाया जा रहा है। आइये आप सब भी इस कार्यक्रम में शामिल हो और बुलेट ट्रेन, एक्सप्रेसवे आदि परियोजना के विरोध अपनी आवाज बुलंद करे।

Courtesy: Sangharsg Samvad

The Proposed Bullet Train Project A Misplaced Priority

Activists of Civil Society organisations gathered at the heart of national capital to question the feasibility of Mumbai-Ahmedabad High Speed Rail Project. Bhumi Adhikar Andolan (BAA) and National Alliance of People’s Movement (NAPM) held a detailed discussion on economic viability, environmental and social impact of Bullet Train Project on August 2 at Constitution club, New Delhi.

In the day long discussion, social activists Ulka Mahajan (Maharashtra), Hannan Mollah (BAA), Rohit Prajapati (Gujarat), Madhuresh Kumar (NAPM) and environmentalists from various civil groups participated. Read more

Courtesy: The Link

झारखंड में खत्म होगी आदिवासी जमीन की खरीद में थाना क्षेत्र की बाध्यता

झारखंड में एक ही थाना क्षेत्र में आदिवासियों के बीच आपस में जमीन की खरीद-बिक्री की बाध्यता शिथिल करने पर सरकार रेस है। इसके साथ ही संताल परगना में गैर जनजातियों के बीच आपस में जमीन की खरीद-बिक्री के मसले पर भी वह गंभीर है। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित सभागार में आयोजित जनजातीय परामर्शदातृ परिषद की 22वीं बैठक में इन मसलों पर खुलकर चर्चा हुई। तय हुआ कि सरकार इन मसलों पर सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। साथ ही सामाजिक संगठनों, ग्राम प्रधानों, आम जनता से राय मशविरा करेगी। तीन महीने के अंदर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इधर, इस मसले पर निर्णय लेने के लिए टीएसी की पिछली बैठक में कल्याण मंत्री डा. लुइस मरांडी की अध्यक्षता में गठित उप समिति ने अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को टीएसी को सौंप दी। उप समिति का मानना है कि पूर्व में एक ही थाना क्षेत्र में आज के कई जिले समाहित थे। आज एक जिले में दर्जनों थाने खुल आए हैं। ऐसे में थाना क्षेत्र की बाध्यता खत्म करना वर्तमान की मांग है। रिपोर्ट के अनुसार थाना क्षेत्र की बाध्यता खत्म होने के बाद आदिवासी समुदाय का कोई भी व्यक्तिपूरे राज्य में कहीं भी जीवन में सिर्फ एक बार अधिकतम 20 डिसमिल तक जमीन खरीद सकेगा। Read more

Courtesy: Jagran.com

RJD, Congress MPs attend talk against bullet train project

Two newly elected Rajya Sabha members, from RJD and Congress, attended a discussion organised by a group protesting against land acquisition for the bullet train project.

Manoj Jha of RJD and Nasir Hussain of Congress were present at the event where Mohammed Salim and Jitendra Choudhury of CPM, D Raja of CPI and D P Tripathi of NCP, were also in attendance. The Shiv Sena did not send a representative to the event, despite being a key player in the protests against land acquisition in Palghar and Dahanu. Trinamool Congress MPs also did not attend the event.

An NGO named ‘National Alliance for People’s Movement (NAPM)’ had organised the discussion attended by protesters from Gujarat and Maharashtra’s Palghar and Dahanu. Read more

Courtesy: The Indian Express

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